शुक्रवार, सितंबर 4

टीआरपी के लिए @#&*$ कुछ भी करेगा

बुधवार का दिन...सुबह के क़रीब 11 बज रहे थे..सभी न्यूज़ चैनलों पर लगातार ब्रेकिंग न्यूज़ आ रहा था.. आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री वाईएस राजशेखर रेड्डी लापता...उनके हेलिकॉप्टर से संपर्क टूटा । शाम होते-होते ये ख़बर सबसे बड़ी ख़बर बन चुकी थी... लगभग सभी न्यूज़ चैनलों पर विशेषज्ञों ने मोर्चा थाम लिया था.. जितने चैनल उतने कयास... देश भर में असमंजस की स्थिति बनी हुई थी.. न्यूज़ चैनल्स भी इस मौके का ज़्यादा से ज़्यादा फायदा उठा लेना चाहते थे.. क्यों की बहुत दिनों से उनकी दुकान पर ऐसी मसालेदार कोई चीज नहीं आई थी... लगभग चैनलों में एक जैसे हालात थे.. शायद चैनल के वरिष्ठ लोग अपनी याददाश्त पर जोर डालकर अपने ऐसे किसी मित्र की तलाश कर रहे होंगे जो हैदराबाद में अपनी रोजी-रोटी चला रहा हो... बड़े चैनलों के तो अपने संपर्क सूत्र होते हैं.. लेकिन कुकरमुत्तों की तरह उग आए छोटे-छोटे न्यूज़ चैनलों के वरिष्ठों ने तो हैदराबाद में रह रहे अपने उन मित्रों को भी पत्रकार बना डाला जो वहां राशन की दुकान चला रहे थे...

खैर शाम तक ज़्यादा से ज़्यादा टीआरपी बटोरने का खेल चलता रहा... हर चैनल कुछ हटकर यानि एक्सकुलुसिव चलाने की फिराक में लगा हुआ था... लेकिन दोपहर से लेकर देर शाम तक घटनाक्रम में बहुत तब्दीली नहीं आई थी... ऐसे में दर्शक भी न्यूज़ चैनल से हटने लगे थे क्यों उन्हे भी हर पल कुछ नया और कुछ ताज़ा देखने की आदत है... इसकी भनक शायद टीआरपी रेटिंग में दूसरे स्थान पर काबिज एक बड़े न्यूज़ चैनल को लग चुकी थी... उसने फिर एक तुरूप का पत्ता खेला और रात साढ़े नौ बजे उसने ऐसा ब्रेकिंग देना शुरू किया जो किसी भी चैनल के पास नहीं था... इस न्यूज़ चैनल के एंकर ने दावे के साथ कहना शुरू किया की आंध्रप्रदेश के सीएम राजशेखर रेड्डी बिलकुल सुरक्षित हैं... स्थानीय आदिवासियों ने उन्हे देखा है.. इससे एक कदम आगे बढ़ते हुए उन्होने यहां तक दावा कर दिया कि मुख्यमंत्री साहब की वन विभाग के कर्मचारियों से बातचीत भी हुई है... और उन्होने कहा है कि वो पूरी तरह सुरक्षित हैं और लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है।

पहले तो लोगों को इस ख़बर पर विश्वास नहीं हुआ लेकिन लोगों को विश्वास दिलाने के लिए वो न्यूज़ चैनल अपने संपादक महोदय को भी लोगों के आगे कर दिया... संपादक महोदय ने भी दर्शकों की आंख में आंख डालकर दावे के साथ कहा कि रेड्डी साहब पूरी तरह सुरक्षित हैं... दर्शकों ने मजबूरन उनकी बातों पर विश्वास करना शुरू कर दिया... अब बारी कुछ दूसरे न्यूज चैनलों की थी.. उन्होने भी अपनी टीआरपी खिसकते देख उसे बड़े न्यूज चैनल का अनुसरण करना शुरू कर दिया... हालांकि इस दौड़ में कुछ न्यूज़ चैनल शामिल नहीं हुए और उन्होने अपनी जिम्मेदारी समझी... दूसरे दिन सुबह होते होते धटनाक्रम पर छाया धुंध साफ होने लगा... बचाव दल के लोगों को हेलिकॉप्टर का मलबा मिल गया था... और थोड़ी देर में उन्हे मुख्यमंत्री राजशेखर रेड्डी समेत हेलिकॉप्टर में सवार सभी पांच लोगों के शव भी मिल गए.. इस ख़बर को भी उस तथाकथित बड़े चैनल ने जोर-शोर से चलाया और अपनी शाम वाली गलती को छिपाने के लिए कई ड्रामे भी किए... हो सकता है कि इस बार की टीआरपी रेटिंग में अपने उस आधे घंटे की टीआरपी की बदौलत वो सर्वोच्च स्थान भी हासिल कर ले... और शायद उसे इस बात का एहसास भी कभी ना हो कि उसने उस आधे घंटे में कितनी संवेदनाओं, कितने भावनाओं और पत्रकारिता के ना जाने कितने उसूलों का क़त्ल कर दिया है

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