शनिवार, अगस्त 15

आज़ादी के मायने


एयर कंडीशन्ड दफ़्तरों और घरों में बैठकर आजादी का मतलब निकालना काफी आसान होता है...लेकिन आजाद फिज़ा और आजाद वातावरण में आजादी की बात करना आजकल थोड़ा मुश्किल हो गया है..अगर आप घर से बाहर निकल कर आजादी की सांस लेना चाहते हैं तो आप ऐसा नहीं कर सकते क्यों कि खुली हवा में फैक्ट्रियों और गाड़ियो ने ज़हर घोल दी है...क्यों कि विकास की आंधी और शासन-प्रशासन ने उन्हे प्रदूषण फैलाने की आजादी दे दी है...

आजकल लड़कियां जब अपने फैशन की आजादी के साथ घर से बाहर कदम रखती है तो उसे हर तरफ से आजाद ख़्यालात से रूबरू होना पड़ता है क्यों कि खुद को मर्द समझने वाले मनचले अपने अभिव्यक्ति की आजादी के साथ उन्हे हर नुक्कड़ पर खड़े मिल जाते हैं..क्यों कि इन मनचलों को हमारे समाज और पुलिस ने ऐसा करने की आजादी दे रखी है...यही हाल दूसरे अपराधियों का भी है जो घर में घुसकर और राह चलते लोगों को लूट रहे हैं क्यों कि उन्होने भी पुलिस महकमे को अपनी आजादी की फीस दे रखी है...और तो और आज की तारीख में शासन के कमजोर हाथ के नीचे पुलिस भी आजादी से गुंडागर्दी कर रही है..

अगर आप समझते हैं कि आप आजाद देश के आजाद नागरिक हैं तो ये गलतफ़हमी सरकारी दफ़्तरों में बैठे बाबू लोग दूर कर देंगे..क्यों कि आपको वहीं जाकर पता लगेगा कि आपको अपनी आजादी पाने के लिए कितना शुल्क अदा करना पड़ेगा..आखिर हो भी क्यों नहीं बाबू लोग तो रिश्वत लेने की आजादी को अपना जन्मसिद्ध अधिकार समझते हैं..अगर उन्हे रोकने की कोशिश की गई तो शायद वो लोग मानवाधिकार आयोग का दरवाजा भी खटखटा दें...

नेताओं की बात करें तो वो तो खुद को आजादी के ठेकेदार ही समझते हैं..उन्हे तो हर बात की आजादी है वो चाहें तो घोटाला करें, वो चाहें तो संसद में सवाल उठाने के लिए पैसे लें, वो चाहें तो सरकार को बचाने के लिए सांसदों की ख़रीद-फरोख़्त करें, वो चाहें तो गुंडागर्दी करें, वो चाहें तो किसी की हत्या कर दें...लेकिन उनका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता..क्यों कि शायद उन्हे ऐसा करने की आजादी मिली हुई है...ये तो केवल कुछ उदाहरण हैं ऐसे आजादी के परवाने हमारे समाज में ना जाने कितने मौजूद हैं..

इतना सब कुछ होने के बावजूद हम आज आज़ाद हैं क्यों कि हमारे अंदर आज़ादी का जज़्बा है..और हमारे ख़्यालात आजाद हैं...बस जरूरत है समाज में मौजूद तथाकथित आज़ादी के दिवानों के पर कतरने की...तभी हमारा मुल्क वाकई आज़ाद होगा...जय हिन्द

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें