बुधवार, अगस्त 12
मंत्री के द्वार पहुंचा स्वाइन फ्लू
स्वाइन फ्लू ने अब मंत्रियों के घर पर भी दस्तक देना शुरू कर दिया है..जी हां स्वाइन फ्लू ने दिल्ली सरकार में मंत्री हारुन युसुफ के दोनों बेटों को अपनी चपेट में ले लिया है..ये दोनों बच्चे दिल्ली के ही प्रतिष्ठित संस्कृति स्कूल के छात्र हैं..इस नए मामले ने दिल्ली सरकार के दावों की पोल खोल दी है..कल तक पुख्ता इंतजाम का दावा करने वाली मुख्यमंत्री शीला दीक्षित आज बगलें झांक रही है। दिल्ली में अभी हालात नियंत्रण में है और अभी तक क़रीब तीन सौ मामलों की पुष्टि हुई है लेकिन राजधानी में जिस तरह से इस संक्रामक बीमारी को हल्के में लिया जा रहा है...उससे हालात के जल्दी ही बेकाबू होने के संकेत मिलने लगे हैं...दिल्ली के लोगों को अभी भी इससे बचाव की ज़्यादा जानकारी नहीं है..दिल्ली देश की राजधानी होने के कारण यहां पर प्रभावित इलाकों से आने वाले लोगों की कमी नहीं है..इसलिए बचाव के उपाय किए बिना यहां पर स्वाइन फ्लू पर अंकुश लगा पाना काफी मुश्किल होगा..अगर पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की बात की जाए तो यहां पर जिस तरीके से मॉल संस्कृति में तेजी आई है उससे स्वाइन फ्लू को तेजी से बढ़ने में काफी मदद मिलेगी...अभी तक राज्य सरकार ने एहतियात के तौर संवेदनशील जगहों को चिन्हित नहीं किया है...दिल्ली का मौसम भी इस बीमारी को फैलाने में काफी मददगार साबित हो सकता है क्यों कि आजकल जिस तरह से वातावरण में नमी बरकरार रह रही है उससे स्वाइन फ्लू के वायरस को फैलने में काफी सहूलियत मिलेगी...दिल्ली सरकार को इस बात का भी ध्यान रखना होगा कि अगले साल उसे कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी करनी है...और इसकी तैयारी में दिल्ली सरकार ने करोड़ों रूपए दांव पर लगा दिए हैं..ऐसे में अगर स्वाइन फ्लू से हालात ख़राब हुए तो दिल्ली को काफी नुकसान उठाना पड़ सकता है...और जहां तक इसके इलाज की बात है तो उसके लिए हमारे देश में नवम्बर से पहले कोई ठोस उपाय नहीं किए जा सकते हैं...तो कुल मिलाकर ये कहा जा सकता है कि फिलहाल बीमारी से बचाव ही इसका इलाज साबित हो सकता है
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