आज सुबह मैने रोज की तरह बड़े चाव से अख़बार उठाया..और ख़बरें तलाशने लगा...लेकिन पहला पन्ना पलटते ही मुझे पता चल गया कि आज का दिन ऐतिहासिक है..क्यों कि आज के ही दिन पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी का जन्म हुआ था...मैने अखबार के दो चार और पन्ने पलटे, उम्मीद थी कि कोई अच्छी ख़बर मिल जाएगी...पर..पन्ना दर पन्ना अखबार राजीव गांधी की तस्वीरों और उन्हे महान साबित करने की कोशिशों से भरी पड़ी थी...मुझे याद नहीं आता कि आधुनिक महापुरूषों में महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू, लाल बहादुर शास्त्री, सुभाष चन्द्र बोस, भगत सिंह से लेकर इंदिरा गांधी और शंकर दयाल शर्मा तक किसी के जन्म दिवस के मौके पर इतने बड़े पैमाने पर अखबारों में सरकारी विज्ञापन निकाले गए होंगे... आज के अखबार में तो हर मंत्रालय राजीव गांधी के महिमा मंडन में एक दूसरे को पीछे छोड़ता नज़र आया...
आखिर हो भी क्यों नहीं आज सत्ता के केन्द्र में सोनिया गांधी और राहुल गांधी का एक छत्र दबदबा है ऐसे में अगर उनका आर्शिवाद और शुभकामना चाहिए तो राजीव गांधी को तवज्जो तो देना ही पड़ेगा.. मैं ऐसा कहकर राजीव गांधी के कद को छोटा नहीं करना चाहता लेकिन क्या इस तरह से सरकारी पैसों को विज्ञापन के लिए उड़ाना सही है...या फिर विभिन्न मंत्रालय जिस तरह से अपनी योजनाओं का शुभारम्भ आज की तारीख से करने का ऐलान कर रहे हैं क्या वो इसी तारीख का इंतजार कर रहे थे... अगर ऐसा है तो क्या ये भी जनता के साथ धोखा नहीं है... खैर इसके पीछे की सच्चाई जो भी हो लेकिन इतना तो सच है कि किसी जमाने में दूरदर्शन पर राजीव गांधी के छाए रहने के कारण उसे राजीव दर्शन का नाम दे दिया गया था... ऐसा ही कुछ आज के अख़बार को भी नाम दिया जा सकता है.. आपके जेहन में कोई नाम आ रहा हो तो मुझे जरूर सुझाईएगा
गुरुवार, अगस्त 20
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